रामायण की 21 ऐसे तथ्यों जिनसे आप अभी तक अनजान थे |

रामायण की 21 ऐसे तथ्यों जिनसे आप अभी तक अनजान थे |

रामायण-रोचक तथ्य

रामायण को हिन्दू धर्मं का पवित्र ग्रन्थ माना गया है, इसमें कई ऐसी कथाएं मिलती है, जिन्हें आमतौर पर तो सब लोग जानते हैं, लेकिन कुछ ऐसी बातों का वर्णन भी इसमें मिलता है, जिससे अधिकतर जनमानस अनजान है | 

जैसे देवी सीता लंका में बिना अन्न जल ग्रहण किए इतना समय जिंदा कैसे रही, या गिलहरी के शारीर पर जो धारियां होती है उनसे प्रभु राम का क्या संबंध है ? हम आपको लेकर चलेंगे रामायण के ऐसे ही अनछुए कोनो की यात्रा पर |

रामायण की 21 ऐसे तथ्यों की सूची जिनसे आप अभी तक अनजान थे –

Maharshi-Valmiki

क्रमांक 1 – रामायण संस्कृत का एक महाकाव्य है, जो आदि कवि वाल्मीकि द्वारा रचित है, इस महाकाव्य में 24000 छंद है, जो 7 अध्याय या कांड में विभाजित है, श्रोताओं अगर हम रामायण के हर एक हजार छंद का पहला अक्षर लिखे तो जो 24 अक्षर हमें मिलते हैं, वह मिलकर गायत्री मंत्र बनाते हैं, दिव्य रचनात्मकता से कम यह कुछ भी नहीं |

क्रमांक 2 – श्री राम की माता कौशल्या कौशल देश की राजकुमारी थी, इनके पिता का नाम सकौशल माता का नाम अमृतप्रभा था | पूर्व जन्म में भगवान विष्णु ने कौशल्या को त्रेता युग मैं उनके ही गर्भ से जन्म  लेने का वरदान दिया था, और इसी कारण भगवान अवतरित हुए |

क्रमांक 3 – रामायण के कई संस्करण है इन्ही में से एक आनंद रामायण के अनुसार रावण ने ना केवल देवी सीता का अपहरण किया था बल्कि कौशल्या का भी अपहरण किया था, ब्रम्हा जी ने रावण को पहले ही बता दिया था, की महाराज दशरथ और रानी कौशल्या का पुत्र उसकी मृत्यु का कारण बनेगा | अपनी मृत्यु को टालने के लिए उन्हें एक समुद्र से घिरे द्वीप पर छोड़ दिया था | 

Lord-Ram

क्रमांक 4 – श्रीराम की एक बहन भी थी, जिसका नाम शांता था, जिसको बचपन में ही कौशल्या ने अपनी बहन वर्षिनी और अंग देश के राजा गोपद को गोद दे दिया था, इसीलिए रामायण में शांता का वर्णन नहीं मिलता |

क्रमांक 5 – माना जाता है, कि देवी सीता भगवान शिव के धनुष को बचपन से ही खेल-खेल में उठा लेती थी, इसीलिए उनके स्वयंवर में उस धनुष जिसका नाम पिनाका था, उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने की शर्त रखी गई थी |

क्रमांक 6 – एक बार रावण जब भगवान शिव के दर्शन करने के लिए कैलाश पर्वत गए, उन्हें मार्ग मैं नंदी मिले जिनको रावण ने वानर के मुख वाला कह कर उनका उपहास किया, तब नंदी ने रावण को श्राप दिया था, की वानरों के कारण ही तुम्हारी मृत्यु होगी, आगे चलकर क्या हुआ यह तो सब जानते हैं |

क्रमांक 7 – अपने विजय अभियान के दौरान रावण जब स्वर्ग पहुंचा तो उसे वहां रम्भा नाम की एक अप्सरा मिली, रावण उस पर मोहित हो गया, रावण ने जैसे ही उसे छूने का प्रयास किया, तो उसने कहा कि मैं आपके भाई कुबेर के पुत्र नल कुबेर के लिए आरक्षित हूं, इसलिए मैं आपकी पुत्रवधू के समान हूं, पर रावण अपनी शक्ति में इतना चूर था, कि उसने उसकी एक न मानी | जब नल कुबेर को इस बात का पता चला तो उसने रावण को श्राप दिया, कि आज के बाद यदि रावण ने किसी पराई स्त्री को उसकी इच्छा के विरुद्ध छुआ, तो उसके मस्तक के सौ टुकड़े हो जाएंगे |

Ravan

क्रमांक 8  – जिस दिन रावण सीता का हरण करके अशोक वाटिका में लाया था उसी दिन भगवान ब्रह्मा ने एक विशेष खीर इंद्रा के हाथो देवी सीता तक पहुचाई थी, इंद्रा ने देवी सीता के पहरे पर लगे राक्षसों को अपने प्रभाव से सुला दिया, जिसके बाद इंद्र ने यह खीर देवी सीता को दी, जिसे ग्रहण कर देवी सीता की भूख प्यास शांत हुई | और वो उनके कारावास के दौरान बिना कुछ खाए पिए रह सकी |

क्रमांक 9 – रावण भगवान् शिव का अनन्य भक्त था, भगवान् शिव की आराधना के लिए उसने अपनी भुजा काटकर उससे एक वाद्य यन्त्र बनाया था जिसे नाम मिला “रावण हट्टा” | 

क्रमांक 10 – शेषनाग के अवतार लक्ष्मण ने रावण के पुत्र मेघनाथ को ही नहीं उसके दूसरे पुत्रों, जैसे प्रहस्त और अधिकाय को भी मारा था |

क्रमांक 11 – जिस समय श्री राम वनवास को गए थे, उस समय उनकी आयु 27 वर्ष थी, राजा दशरथ नहीं चाहते थे, कि राम वन जाए, इसलिए राजा दशरथ ने उन्हें सुझाव दिया कि उन्हें बंदी बना ले और राज गद्दी पर बैठ जाए, लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम ऐसा कभी न करते |

क्रमांक 12 – वनवास के दौरान श्री राम ने एक कबंध नाम के श्रापित राक्षस का वध किया था, उसी ने सुग्रीव से मित्रता करने का सुझाव दिया था |

क्रमांक 13 – रावण जब विश्व विजय पर निकला तो उसका युद्ध अयोध्या के राजा अनरन्य के साथ हुआ, जिसमें रावण विजय हुआ, राजा अनरन्य वीरगति को प्राप्त हो गए, उन्होंने भी मरते हुए रावण को श्राप दिया था, कि तेरी मृत्यु मेरे कुल के एक युवक द्वारा ही होगी |

क्रमांक 14 –  वाल्मीकि रामायण के अनुसार एक बार रावण अपने पुष्पक विमान से कहीं जा रहा था, की तभी उसने एक सुंदर युवती को तप करते देखा, पह युवती वेदवती थी, जो भगवान विष्णु को पति के रूप में पाने के लिए तपस्या कर रही थी | रावण उस पर मोहित हो गया और उसे जबरदस्ती अपने साथ ले जाने का प्रयास करने लगा, उसने भी रावण को श्राप दिया था, कि तेरी मृत्यु का कारण एक स्त्री बनेगी और उसने अपने प्राण उसी समय त्याग दिए |

क्रमांक 15 – श्री राम के भाई राजकुमार भरत को अपने पिता की मृत्यु का आभास पहले ही हो गया था, उन्होंने स्वप्न में देखा था, कि उनके पिता काले कपड़ों में, लाल रंग के फूलों की माला पहने हुए, एक रथ मैं बैठकर दक्षिण दिशा की और जा रहे हैं, और पीले रंग के वस्त्रों मैं स्त्रियां फूलों की वर्षा कर रही है |

क्रमांक 16 – पाताल का राजा अहिरावन और उसका भाई महिरावन दोनों बहुत शक्तिशाली असुर थे, अहिरावन ने राम और लक्ष्मण दोनों को एक बार बंदी बना लिया था, तत्पश्यात प्रभु राम और लक्ष्मण के प्राण बचाने हेतु और अहिरावण महिरावण के वध के लिए हनुमान को पंचमुखी रूप लेना पड़ा था |

Panchmukhi-Hanuman-रामायण

क्रमांक 17 – रावण महा ज्ञानी विद्वान् था, भगवान राम ने भी उन्हें महाब्राह्मण कहा था, इसलिए जब रावण मृत्यु शय्या पर था तब प्रभु राम ने लक्ष्मण को रावण के पास जाकर उससे ज्ञान अर्जित करने को कहा था |

क्रमांक 18 – जब अपने विश्व विजय अभियान पर जब रावण यमपुरी पहुंचा, वहां उसका युद्ध यमराज से हुआ जब यमराज ने उस पर कालदंड का प्रहार करना चाहा, तो ब्रह्मा जी ने उन्हें रोक दिया, क्योंकि वरदान के कारण रावण का वध किसी भी देवता द्वारा संभव ही नहीं था |

क्रमांक 19 – माना जाता है, कि गिलहरी के शरीर पर जो धारियां है, वह भगवान राम के आशीर्वाद के कारण है, जिस समय लंका पर आक्रमण करने के लिए राम सेतु का निर्माण हो रहा था, उस समय एक गिलहरी इस काम में मदद कर रही थी, उसके इस समर्पण भाव को देखकर श्री राम ने प्रेम पूर्वक अपनी उंगलिया उसकी पीठ पर फेरी थी, ऐसी मान्यता है कि, तब से गिलहरी की पीठ पर धारियां पढ़ गयी |

क्रमांक 20 – राम रावण युद्ध के दोरान भगवान् राम के लिए देवता इंद्र ने अपना रथ भेजा था, जिस पर बैठ कर राम ने रावण का वध किया और युद्ध में विजय प्राप्त की थी |

क्रमांक 21 – आप को जानकर हैरानी होगी की श्री राम का अवतार पूर्ण अवतार नहीं माना जाता | श्री राम 14 कलाओं में पारंगत थे, जबकि श्री कृष्णा 16 कलाओं मैं पारंगत थे | ऐसा इसलिए था क्योंकि रावण को वरदान प्राप्त था, कि उसे कोई देवता नहीं मार सकता, उसका वध कोई मनुष्य ही कर सकता है |

यह थी रामायण के संदर्भ में 21 रोचक बातें जिन्हें हर कोई नहीं जानता | आपको हमारा यह लेख कैसा लगा कमेंट करें और तो ज्यादा से ज्यादा शेयर करें | 

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